Sunday, September 30, 2012

‘मातृदेवो भव । पितृदेवो भव ।’


Never hurt your parents with your activities. Try your maximum to reduce their burden and keep them happy. 

Parents are the persons who are deserved for our admiration, since they struggled a lot to grown up us in a good manner. If we are in a good position in our life, surely our parents are the main reason for our position. They taught a lot of things to us from our childhood and shape us in a good manner, with their great effort we get a position in our life. Appreciate and admire your parents for their great work.

‘मातृदेवो भव । पितृदेवो भव ।’
meaning, ‘Mother and father are like God’.



Sunday, September 2, 2012

भगवान् शिव देवी गौरा के साथ


भगवान् शिव देवी गौरा के साथ 

सितम्बर का महीना शुरू होते ही मुझे हरतालिका तीज का इंतज़ार हो जाता है। भगवान् शिवजी जी की छवि देवी गौर के साथ तो और भी ज्यादा मनोहारी लगती है। और हरतालिका तीज का पर्व ही इन दोनों के विवाह के दिन ही मनाया जाता है। मुझे इंतज़ार कुछ इसलिए भी ज्यादा रहता है क्योंकि उस दिन सब कुछ अलग अलग सा और दिनों से बेहतर विशेषता लिए हुए लगता है।


ऐसा सिर्फ लिख ही नहीं रही हूँ मैं, वास्तव में बचपन से मेरे मन में यही अनुभव रहा है हरतालिका तीज के दिन का। मैंने कभी व्रत भी नहीं रखा सिर्फ अपनी माँ को निर्जल व्रत रखते देखा है। फिर वो पूरी रात का जागरण रखती है हमेशा और मेरी कोशिश रहती थी की मैं भी अपनी माँ के साथ पूरी रात जागूं  और भगवान् के भजन में उनका साथ दूं। पर मेरी माँ हमेशा मुझे कुछ देर में सुला देती थी, कभी कहती की बेटा सुबह स्कूल भी तो जाना है, कभी कहती की तबियत खराब हो जाएगी, और कभी-कभी तो मैं खुद ही जागने का प्राण लिए सो जाती। ......... 


पर फिर भी ये दिन आज तक मेरे लिए ख़ास है। आश्चर्य होता है की कैसे कोई पुरे दिन बिना कुछ खाए-पिए रह सकता है। मुझे पहले ये भी अजीब लगता था की सिर्फ माँ ही व्रत क्यों रखती है पापा को भी तो कुछ करना चाहिए माँ के लिए! पर वो तो अलग विषय है। अभी मै  सिर्फ हरतालिका तीज के बारे में लिखना चाहती हूँ। मुझे बहुत आनंद मिलता था जब मोहल्ले की सारी  आंटी जी लोग मेरी माँ के साथ ही पूजा करने आती थी, फिर मेरी माँ पंडित जी को बुलाती, सबको पूजा की विधि बताती और फिर हम लोग पूजा में बैठ जाते , 'हरतालिका तीज व्रत कथा' सुनने को। 



कभी कथा में बहुत गंभीरता लगती, कभी थोड़ी सी हंसी भी आ जाती थी, ख़ास तौर पे जब ये ज़िक्र आता था की यदि इस व्रत के दिन किसी स्त्री ने पानी पिया तो वो घुन और यदि मीठा खाया तो चींटी बन जायेगी। पर जो भी हो, ये दिन अपने आप में विशेषता लिए हुए है। एक तो इस दिन पूजा के वक़्त या पूजा के बाद बारिश ज़रूर होती है (ज़्यादातर मैंने देखा है), फिर रात के खाने में हमेशा कुछ ख़ास बनता है जैसे की घर में कोई दावत हो! और सबसे ज्यादा सुकून मिलता है भगवान् शिवजी के भजन गाते वक़्त। मै और मेरी बहिन , माँ के साथ मिलकर खूब देर तक बहुत सारे भजन गाते हैं और साथ ही में आंटी जी लोगो के भजनों में उनका साथ भी देते हैं।



 और अंत में जब सुबह के वक़्त माँ पूजा के बाद भगवानजी की मूर्ति विसर्जित करने जाती, तो हम लोग भी साथ हो लेते। इस दिन हम सोते भी थे तो बिलकुल कच्ची नींद जैसे ही आहात हुई माँ की हम तुरंत जाग के बैठ जाते। सुबह भी माँ जब पूजा की तैय्यारी करती रहती, हम भी नहा धोकर तैयार हो जाते साथ जाने के लिए। आखिर आज के दिन ही तो हमरे सबसे प्रिय भगवान् शंकर जी की इतनी ज्यादा पूजा का अवसर मिलता है।
और विसर्जन के बाद वक़्त आता था सभी लोगो को प्रसाद बांटने का .......... ये भी अपने आप में एक बहुत ही सुकून देने वाला काम है जो की मुझे बहुत पसंद आता।


अब तो ज़िन्दगी की कई और यादें भी जुड़ गयी हैं इस दिन के साथ, तो और भी इंतज़ार रहने लगा है। इस महीने फिर मुझे इंतज़ार है 18 तारिख का , जब मुझे फिर से हरतालिका तीज मनाने का अवसर मिलेगा। 

- अपराजिता 


माटी कहे कुम्हार से तू क्या रोंधे मोये


माटी कहे कुम्हार से तू क्या रोंधे मोये, 
एक दिन ऐसा आएगा मैं रोंधुंगी तोये !!




Sunday, August 5, 2012

ऐ मालिक तेरे बन्दे हम !

निराशा के पलों में आशा की किरण दिखता है ये भजन .............




"वो बुराई करें
हम भलाई भरें
नहीं बदले की हो कामना
बढ़ उठे प्यार का हर कदम
और मिटे बैर का ये भरम "

इस भजन का हर शब्द दिल को बहुत सुकून देता है :) :)

ऐ मालिक तेरे बन्दे हम !

- अपराजिता 

सत्यम शिवम् सुन्दरम

हमें ये भजन सुनना हमेशा बहुत अच्छा लगता ही चाहे ख़ुशी के पल हों या गम के ..... उम्मीद है की आप लोगो को भी पसंद आएगा

सत्यम शिवम् सुन्दरम :) :)



- अपराजिता 

Friday, August 3, 2012

ॐ नमः शिवाय


GOD, when I lose hope, help me to remember that your love for me is greater than my disappointment and Your plans for my life are better than my dreams.. !

ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय
ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय।।

Thursday, August 2, 2012

My fav भजन






मिलता है सच्चा सुख केवल , शिव जी तुम्हारे चरणों में

ये विनती है , पल छिन-छिन कि रहे ध्यान तुम्हारे चरणों में

ऐसी सुबह न आये




ऐसी सुबह न आये
आये न ऐसी शाम
जिस दिन जुबां पे मेरी
आये न शिव का नाम